भूल भी थी कैसी
कुण कुण रे कुण कुण रे
कांटे ही कांटे यहाँ
दम लेने दो नफरत के
आई रे काली बदली आई
राही जब से आया मैं तेरी नगरिया
ये नैया बड़ी पुरानी और डगमग करती भैया
गायें घूम-घूम -घूम कितना पाया क्या खोया
मिलेंगे बिखरे हुओं के
मुझे ना तुमसे गिला है कोई
कौन थी आशा थी तुम्हारी
उसके परस बिन मनवा है सूना
बहका दिया किसी ने
बनी ना बिगड़ेगी रे
पवन गुन गुना गीत गाता है
कहा था कि देखो
आग से खेल वे
मिटे तो हुआ क्या
छुप बैठा कोई रे
मन का पंछी दूर गगन में
कुण कुण रे कुण कुण रे
कांटे ही कांटे यहाँ
दम लेने दो नफरत के
आई रे काली बदली आई
राही जब से आया मैं तेरी नगरिया
ये नैया बड़ी पुरानी और डगमग करती भैया
गायें घूम-घूम -घूम कितना पाया क्या खोया
मिलेंगे बिखरे हुओं के
मुझे ना तुमसे गिला है कोई
कौन थी आशा थी तुम्हारी
उसके परस बिन मनवा है सूना
बहका दिया किसी ने
बनी ना बिगड़ेगी रे
पवन गुन गुना गीत गाता है
कहा था कि देखो
आग से खेल वे
मिटे तो हुआ क्या
छुप बैठा कोई रे
मन का पंछी दूर गगन में
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